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जौनपुर : शिक्षक के प्रमाणपत्र की होगी जांच लेकिन जो पहले से ही चिन्हित है उन्हें नहीं आएगी कोई आंच ।

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सुनील मिश्रा

जौनपुर :-सरकार का फरमान परिषदीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं होगी। सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की फिर से जांच कराई जाएगी।

अवैध रूप से नौकरी करने वाले शिक्षकों को न सिर्फ नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर वेतन के रूप में लीगई सारी रकम की वसूली की जाएगी। शासन के निर्देश के बाद जिले में सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए टीम गठित करने का शुरू हो गया है। शासन के इस फरमान से जिले भर के शिक्षकों में हलचल मच गई है।

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एक के बाद एक फर्जी शिक्षकों के हो रहे खुलासे के बाद शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा, और उच्च शिक्षा विभाग के स्कूल व कालेजों में तैनात सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का फिर से सत्यापन कराने का आदेश दिया है। आकड़ों पर गौर करें तो जिले में परिषदीय विद्यालयों में 9962 शिक्षक तैनात हैं।

जबकि अनुदानित विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की संख्या 645 है। इनके अलावा 3319 शिक्षामित्र और 717 अुदेशकों की भी जांच होगी। 19 कस्तूरबागांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में तैनात सभी वार्डेन और 160 शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

जिले में पहले भी फर्जी शिक्षकों की तैनाती का खुलासा हो चुका है। ठीक से जांच हुई तो सैकड़ों की संख्या में फर्जी शिक्षक जेल चले जाएंगे ,
इंन्ही फर्जीवाड़े में सवाल यह भी है की क्षेत्रीय विधायक बदलापुर रमेशचंद्र मिश्रा द्वारा लम्बे समय से दिया हुआ मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को पत्र के माध्यम से कि बदलापुर विधानसभा के ग्राम गोंदालपुर पो.महराजगंज, तहसील बदलापुर के रामहित यादव पुत्र रामबरन यादव ,भदोही में फर्जी शिक्षक बना जब जब उसके फर्जीवाड़े की भनक हुई तो वह महराजगंज ब्लॉक जौनपुर ट्रांसफर करवा लिया और फिर यहां पर कुछ दोनों बाद पून: शासन का चाबुक चालू हुआ तो उसके फर्जीफिकेशन को देखते हुए वेतन आदि रोक दिया गया।

फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर शिक्षक बने दूसरा तत्कालीन ओबीसी की मेरीट जितनी थी से बहुत कम होते हुए भी बीएसए बाबूओं की कृपा पे न्यूक्ती हथिया ली।पर इन सभी फर्जीवाड़े का जब जांच शुरू हुई तो रामहित फर्जी निकाला आगे की प्रतिक्रिया में शासन ने उक्त फर्जी ब्यक्ति की वेतन रिकवरी का कवायदें पर आ पहूंचा ,पर राजनीति पकड़ और विभाग में बाबू लोगों को रूपए खिलने से प्रतिक्रिया वही रूक गई और अबतक राजकोषीय पैसे न तो रिकवर हूए न ही उक्त फर्जी शिक्षक को सजा मिल पाई , शासन के इस आदे में इस फर्जी शिक्षक की एसआईटी जाच होगी तो असंख्य अधिकारी व क्रमचारि साथ ही बहुत पुराने व नए गिरोहों का खूलासा होगा।

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