Breaking NewsJaunpurNewsNewsbeatUttar Pradesh

#UP | प्रदेश के इन 9 जिलाधिकरियों की हो रही हर तरफ प्रशंसा देखें कौन है वो।

0 0
Read Time:13 Minute, 45 Second

लखनऊ। भारत के लोकतांत्रिक व्यवस्था में आमजन के लिए जनता के लिए चुना हुआ एक जनप्रतिनिधि ही सब कुछ होता है जिससे लोगों को आशाएं रहती हैं, वो सीधेे जनता के सम्पर्क में रहता है और जनता भी उससे अपने अधिकार के साथ बात करती है। लेकिन जब कोरोना वायरस की महामारी का संकटकालीन समय आया तो यूपी के न जाने कितने जिलाधिकारियों ने एक जनप्रतिनिधि के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।इस संकटकालीन समय में जिलाधिकारी खुद जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को हल करने मे लग गए। जिलाधिकारियों के इस कार्य से इन जिलों के लोग राज्य सरकार के कामकाज की सराहना कर रहे है। इन दिनों कोरोना वायरस की महामारी से बचाव के लिए लागू हुए लाॅकडाउन में प्रदेश के कई जिलाधिकारियों ने जनसेवा की ऐसी मिसाल पेश की है कि इसे भुलाया नहीं जा सकता है और जब जब कोरोना को लोग याद करेंगे तब-तब इन जिलाधिकारियों का नाम और कार्य इन जिलों की जनता गर्व के साथ लेगी। आइये आज हम आपको ऐसे ही जिलाधिकारियों के बारे में बताते हैं जिन्होंने कोरोना वायरस संकटकालीन समय मे दिन रात एक कर जनसेवा की है।

लखनऊ – अभिषेक प्रकाश

खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें :-7800292090

शासन की नाक के ठीक नीचे काम करने वाले सूबे की राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश।कोरोना वायरस को लेकर लोगों से लगातार सम्पर्क करने का काम किया हैं। लोगों से बराबर यही कहा कि किसी भी तरह से पैनिक होने की जरूरत नहीं है। जिलाधिकारी ने राशन की दुकान, सब्जी की दुकान, दूध की दुकान, सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक खुली रखवाने और जनता को आश्वासन देने का काम किया है। यही नहीं लखनऊ जिलाधिकारी लगातार आश्वस्त करते रहे हैं कि किसी को डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। यही कारण है पूरे लखनऊ में दवा की दुकानें खुली रहीं। लखनऊ में 8000 दवा की दुकानें हैं। इसके अलावा उन्होंने बराबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शासन के उच्च अधिकारियों के साथ होम डिलीवरी की भी व्यवस्था की। यहां तक कि राशन, फल, सब्जी और दूध घरों पर भेजा इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया करवाया।

अयोध्या – अनुज कुमार झा

प्रदेश में हर घर को सामान पहुंचाने और भोजन पहुंचाने का काम जिस तरह से किया जा रहा है उसका विचार सबसे पहले प्रभु श्रीराम की नगरी के अयोध्या जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के मन में ही आया था।उन्होंने अपने जिले में ऐसी व्यवस्था की जिससे किसी को लाॅकडाउन का पालन करने में दिक्कत न हो। इसके बाद यह विचार राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में अपनाया। यह नीति इतनी सफल रही कि लोगों को राशन को लेकर अबतक किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तड़के तीन बजते ही रामलला को नए अस्थायी मंदिर में विराजमान किया तो पूरा प्रदेश अचरज मे पड़ गया। इस ऐतहासिक काम में अनुज कुमार झा की भूमिका सराहनीय रही।

जौनपुर – दिनेश कुमार सिंह

भोलेनाथ की नगरी वाराणासी से सटा हुआ जिला जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह बातचीत में जितने नम्र हैं उतने ही कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त
हैं। हर गरीब को उसका सरकारी हक मिले इसके लिए खुद फील्ड में निकलकर हकीकत जान लेते हैं और उनको कोरोना से बचने का उपाय भी बताते हैं। प्रदेश के ये अकेले डीएम हैं जो खुद गांवों का दौरा कर उनका राशन कार्ड बनवातेे हैं और राशनकार्ड न होने पर भोजन का पैकेट भी देते हैं। हाल ही में उन्होंने एक ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई कर उसे जेल भी भिजवा।जिसने मनरेगा के पैसे को हड़प लिया था। लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए शहर के 39 वार्डों में 195 कोरोना वारियर्स लगाए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच वॉरियर्स लगाए गए हैं। कोरोना से बचाव के लिए वारियर्स अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

गोरखपुर – विजयेन्द्र पांडियन

जिले की पचास लाख से अधिक की आबादी के लिए सच्चे कोरोना वारियर्स बनकर दिन-रात सेवा में जुटे जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन इस संकट की घड़ी में तड़के उठकर जनपद का भ्रमण कर आश्वस्त होते हैं। एक-एक अधिकारी से बात कर समस्याओं को दूर करते हैं। डीएम विजयेन्द्र पांडियन ने हर जरूरतमंद को भोजन मिले, इसके लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था कर तीन आइएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। वो खुद प्रतिदिन 10 हजार लोगों को भोजन व दो हजार से अधिक परिवारों में खाद्यान्न का वितरण करवाने का काम कर रहे है। बेसहारा जानवरों को लेकर भी जिलाधिकरी भी खूब काम कर रहे हैं। रोजाना एक टीम अलग-अलग क्षेत्रों में भ्रमण कर निराश्रित गौवंश और स्वानों को खाना खिला रही है।

रायबरेली – शुभ्रा सक्सेना

यूपी की राजधानी लखनऊ से सटे जिले की जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना के नेतृत्व में प्रशासन के अफसरान हर छोटी-बड़ी चीजों पर अपनी निगाह बनाए हुए हैं। यहां लगभग 13000 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है। जो अपने आप में यह एक रिकार्ड है। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने कोरोना से लड़ने के लिए एप की शुरुआत की शुरूआत भी की है। इस एप्लिकेशन का आइडिया डीएम शुभ्रा सक्सेना का ही था । इसके पहले आईटी विभाग में काम करने का उन्हे अनुभव था जो कोरोना की लड़ाई में काम आया है। अपने इस अनूठे कार्य से वह पूरे प्रदेश में इन दिनों चर्चा का विषय बन गयी है। इसके अलावा सरकार के आदेशों से आगे बढ़ कर वह अपने स्तर पर भी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रही है।

वाराणसी – कौशलराज शर्मा

कई बड़े जिलों के जिलाधिकारी का कार्यभार संभाल चुके कौशलराज शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में लाॅकडाउन के दौरान नागरिकों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो उसके सारे इंतजाम कर रखे हैं। कौशल राज शर्मा ने कोरोना वैश्विक महामारी के संक्रमण एवं उससे बचाव के लॉक डाउन को देखते हुए वाराणसी की सीमाओं पर प्रवेश व निकास के 14 प्वाइंट बनाए हैं। इन स्थलों पर सीमाओं को सील कर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के लिए उन्होंने 3 मई तक के लिए तीन शिफ्टों में अधिकारियों की तैनाती की है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने अपने जिले के विद्यालयों के छात्रों की फीस जमा न होने पर नाम न काटने के निर्देश दिए और अप्रैल से जून तक की फीस अभी न जमा कराने को कहा है। कौशल राज की इस पहल को कई जिलाधिकारियों ने भी अपने यहां लागू कराकर अभिभावकों को बड़ी राहत देने का काम किया है।

नोएडा – सुहास एल वाई

पिछले साल जब प्रयागराज में महाकुंभ हुआ तो उस समय भी सुहास एल वाई यहां के जिलाधिकारी थे। इस दौरान उन्होने शहर की साफ-सफाई और साज-सज्जा का हर काम को बेहतरीन तरीके से निभाया। प्रयागराज, आजमगढ़, जौनपुर, सोनभद्र, महाराजगंज और हाथरस के डीएम रह चुके सुहास एल वाई अपने काम के दम पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा अफसरों में शुमार हैं। यही कारण है कि मुश्किल हालात में इन्हें नोएडा की जिम्मेदारी दी गई है। यूपी में सबसे पहले प्रभावित होने वाले गौतमबुद्धनगर (नोएडा) के जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने जिस समय कार्यभार संभाला उस समय हालात बेहद बिगड़ चुके थे। लेकिन इन्होंने चार्ज लेते ही पूरी स्थिति का तेजी से अध्ययन किया और हालात को पूरी तरह से काबू करने में कामयाब रहें। पांश इलाकों से लेकर झुग्गी झोपड़ियो तक पहुंची इस महामारी को लेकर सबसे अधिक 27 हाॅटस्पाॅट क्षेत्र बनाए गए हैं।

हापुड़ – अदिति सिंह

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नजदीक हापुड की जिलाधिकारी अदिति सिंह ने 31 मार्च को कोरोना संक्रमित वृद्ध व थाइलैंड के आठ अन्य लोगों समेत 15 को आइसोलेट कर एक बड़ी चुनौती का मुकाबला किया। जिला प्रशासन ने हावल गांव के एक किलोमीटर के क्षेत्र को सील करने के बाद सैनिटाइज का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करवाया। हापुड़ के थाना सिंभावली के गांव बक्सर में तब्लीगी जमात के दो और कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाई। जमातियों में कोरोना वायरस के बाद डीएम अधिकारियों सहित मौके पर पहुंच कर और गांव बक्सर को तीन किलोमीटर की परिधि में सील कर सेनेटाइज करने का काम शुरु करवाया। डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर शिकायतों का समाधान करने में मार्च में हापुड़ ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।

कानपुर- ब्रम्हदेव तिवारी

जनसंख्या के हिसाब से इस संकटकालीन समय मे प्रदेश के सबसे बड़े शहर को संभालना कोई आसान काम नहीं हैं। मेघालय काडर के आईएएस अधिकारी ब्रम्हदेव तिवारी बेहद धार्मिक हैं। विभिन्न विभागों में बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बाद पहली बार डीएम का कार्यभार संभाला तो धार्मिक क्षेत्र कानपुर के लोगों के दिलों में जल्द ही अपनी जगह बना ली। चार महीने पहले ही जिले का चार्ज लेने वाले ब्रम्हदेव तिवारी कोरोना संकट के समय भी जिस तरह अपनी जिम्मेदारी को बेहतरी से निभा रहे हैं उसे लेकर यहां के लोग बेहद खुश और संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। शासन के आदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तीन एलईडी वैन के माध्यम से भी प्रचार प्रसार कराया जा रहा हैं। आम आदमी को डीएम से जोड़ने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया है जिससे जनता को हर जानकारी समय से मिल रही है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button