JaunpurUttar Pradesh

जौनपुर : विश्वविद्यालय कुलपति को बर्खास्त करें राज्यपाल : अतुल सिंह ।

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार व अनिमित तरके से की गई शिक्षक नियुक्ति की खबर को शिराज़ ए हिन्द डॉट कॉम द्वारा प्रमुखता से उजागर करने से अब राजनैतिक दल भी कुलपति के खिलाफ मुखर हो गए है।

शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने आंदोलन करने का एलान किया आज सपा भी कुलपति द्वारा में की गयी भारी धाधली की जांच कर कार्यवाही के लिए सपा नेता अतुल सिंह के नेतृत्व में राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन प्रेषित किया गया, ज्ञापन के माध्यम से अतुल सिंह मे कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर का अपना एक गौरवपूर्ण इतिहास रहा है लेकिन जबसे प्रो. राजाराम यादव पीयू के कुलपति बनकर आये है।

विश्वविद्यालय की गरिमा को आघात पहुचने के साथ-साथ भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है, कुलपति की बौद्धिक योग्यता का प्रत्यक्ष प्रमाणन इसी बात से मिलता है कि वह एक सार्वजनिक मंच से छात्रों को अध्यात्म का पाठ पढ़ाते हुए गलत जानकारी देते है कि प्रभु श्रीराम जी को 12 वर्ष के लिए वनवास हुआ था।

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पीयू कुलपति राजाराम यादव यही नही रूकते एक महाविद्यालय के छात्र संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होते हुए विश्वविद्यालय के छात्रों को मर्डर का गुरूज्ञान देते है, इनके उपर मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है लेकिन लोक सेवक होने की ढाल इनको मुकदमें से बचा लेती है।

वर्ष 2019 के शोध प्रवेश परीक्षा परिणाम में कुलपति के संरक्षण में उत्तीर्ण छात्रों को अनुत्तीर्ण करने का खेल,खेला गया जिन अभ्यर्थियों के साथ यह अन्याय हुआ उन्होनें दो माह तक लगातार सड़को पर उतरकर इनके कारनामों की कलई खोलने का प्रयास किया लेकिन कुलपति की तानाशाही के आगे उनकी सुनवाई कहीं नही हुई, जनपद जौनपुर के जनप्रतिनिधि भी मौन रहे।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के भविष्य निधि (एफडी) को तोड़ विश्वविद्यालय के अरबो रूपये को निकाल कर निर्माण व विकास कार्य के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

पीयू जौनपुर में अभी दो दिन पहले हुई स्थायी शिक्षक नियुक्ति में भारी भ्रष्टाचार किया गया है, विश्वविद्यालय में दत्तो पंत ढेगड़ी विधि संस्थान में पिछले अगस्त से कार्यरत 7 संविदा शिक्षकों को कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने अपने एक तात्कालिक आदेश से नियमित कर दिया है।

जबकी इन संविदा शिक्षकों को नियमित करने के लिए सुसंगत शासकीय प्रक्रिया को नही अपनाया गया। रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में नियुक्ति कर दिया गया है, संविदा शिक्षकों के नियमित करने में पहले शासन से पदों का सृजन, समाचार पत्रों में विज्ञापन का प्रकाशन तथा महामहिम राज्यपाल महोदय द्वारा दिये गए विशेषज्ञ पैनल के आधार पर साक्षात्कार कराया जाता है।

लेकिन इन प्रक्रियाओं का पालन नही किया गया है।अपने नज़दीकियों की नियुक्ति का मामला होने के कारण जल्दबाजी में कुलपति राजाराम यादव ने सीधे 7 संविदा शिक्षकों को नियमित कर दिया है जबकि विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में काफी तादात में संविदा शिक्षक कार्यरत हैं जिन्हें यह नियमितीकरण का लाभ नही मिला है।

इसलिए हम उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया से मांग करते है कि पीयू कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव को अविलम्ब बर्खास्त किया जाय,तथा विश्वविद्यालय में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बैठायी जाय । ज्ञापन देने वालो में प्रमुख रूप से संजय सोनकर गोपाल, अभय, सोंनु यादव, रामबचन, अमन, गौरव आदि उपस्थित रहे।

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