Breaking NewsIndiaNew DelhiSocial

IDEA-Vodafone के विलय को मिली मंजूरी, तो बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

0 0
Read Time:4 Minute, 0 Second

नई दिल्ली। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर (IDEA-Vodafone) की विलय योजना को जल्द दूरसंचार विभाग (DoT) की मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, DoT दोनों कंपनियों के प्रमुख को सर्टिफिकेट सौंप सकता है। इस विलय के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लि. होगा। इसके साथ ही मौजूदा ग्राहक संख्या के हिसाब से यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनी हो जाएगी।

IDEA-Vodafone के विलय के बाद ये कंपनी कमाई के मामले में भी होगी नंबर वन

सूत्रों के अनुसार IDEA-Vodafone के विलय को दूरसंचार विभाग की जल्द मंजूरी मिल सकती है। दोनों कंपनियों के विलय के बाद आज के हिसाब से नई कंपनी की संयुक्त आय 23 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक) होगी और उसके ग्राहकों का आधार 43 करोड़ होगा। इस तरह यह देश की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। इस बढ़ी हुई ताकत से दोनों कंपनियों को बाजार प्रतिस्पर्धा से निपटने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें :-7800292090

इन दोनों कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के करीब

नए कंपनी रिलायंस जियो के प्रवेश के बाद टेलीकॉम बाजार आकर्षक पैकेज दे कर ग्राहकों को तोडऩे-जोडऩे की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है। इससे मोबाइल इंटरनेट और कॉल सेवाओं की दरें काफी कम हो गई हैं। विलय में जा रही इन दोनों कंपनियों (IDEA-Vodafone) पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के करीब बताया जा रहा है।

जाने किसके पास होगी कितनी हिस्सेदारी?

मर्जर के बाद वोडाफोन के पास नई कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी होगी। आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास 26 फीसदी और आइडिया के शेयरधारकों के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी होगी। विलय में जा रही इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के लगभग बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, विलय योजना की मंजूरी के लिए विभाग आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेल्यूलर से बैंक गारंटी लेगा।

इनको देनी होगी बैंक गारंटी

दूरसंचार विभाग आईडिया सेल्यूलर के स्पेक्ट्रम के एक बारगी शुल्क के लिए 2100 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांग सकता है। इसके अलावा उसे यह भरोसा भी देना होगा कि वह अदालती आदेश के अनुसार स्पेक्ट्रम संबंधी सभी बकायों का निपटान करेगी। स्पेक्ट्रम शुल्क टुकड़ों में भुगतान के लिए वोडाफोन इंडिया की 1 साल की बैंक गारंटी की जिम्मेदारी आइडिया को लेनी होगी। इसके अलावा कंपनी को यह भी भरोसा देना होगा कि ब्रिटेन के वाडाफोन समूह की कंपनी वोडाफोन इंडिया पर आगे भी कोई देनदारी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी आइडिया को पूरी करनी होगी।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking NewsIndiaNew DelhiSocial

IDEA-Vodafone के विलय को मिली मंजूरी, तो बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

0 0
Read Time:4 Minute, 0 Second

नई दिल्ली। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर (IDEA-Vodafone) की विलय योजना को जल्द दूरसंचार विभाग (DoT) की मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, DoT दोनों कंपनियों के प्रमुख को सर्टिफिकेट सौंप सकता है। इस विलय के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लि. होगा। इसके साथ ही मौजूदा ग्राहक संख्या के हिसाब से यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनी हो जाएगी।

IDEA-Vodafone के विलय के बाद ये कंपनी कमाई के मामले में भी होगी नंबर वन

सूत्रों के अनुसार IDEA-Vodafone के विलय को दूरसंचार विभाग की जल्द मंजूरी मिल सकती है। दोनों कंपनियों के विलय के बाद आज के हिसाब से नई कंपनी की संयुक्त आय 23 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक) होगी और उसके ग्राहकों का आधार 43 करोड़ होगा। इस तरह यह देश की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। इस बढ़ी हुई ताकत से दोनों कंपनियों को बाजार प्रतिस्पर्धा से निपटने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

खबरों व विज्ञापन के लिए संपर्क करें :-7800292090

इन दोनों कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के करीब

नए कंपनी रिलायंस जियो के प्रवेश के बाद टेलीकॉम बाजार आकर्षक पैकेज दे कर ग्राहकों को तोडऩे-जोडऩे की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है। इससे मोबाइल इंटरनेट और कॉल सेवाओं की दरें काफी कम हो गई हैं। विलय में जा रही इन दोनों कंपनियों (IDEA-Vodafone) पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के करीब बताया जा रहा है।

जाने किसके पास होगी कितनी हिस्सेदारी?

मर्जर के बाद वोडाफोन के पास नई कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी होगी। आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास 26 फीसदी और आइडिया के शेयरधारकों के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी होगी। विलय में जा रही इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के लगभग बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, विलय योजना की मंजूरी के लिए विभाग आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेल्यूलर से बैंक गारंटी लेगा।

इनको देनी होगी बैंक गारंटी

दूरसंचार विभाग आईडिया सेल्यूलर के स्पेक्ट्रम के एक बारगी शुल्क के लिए 2100 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांग सकता है। इसके अलावा उसे यह भरोसा भी देना होगा कि वह अदालती आदेश के अनुसार स्पेक्ट्रम संबंधी सभी बकायों का निपटान करेगी। स्पेक्ट्रम शुल्क टुकड़ों में भुगतान के लिए वोडाफोन इंडिया की 1 साल की बैंक गारंटी की जिम्मेदारी आइडिया को लेनी होगी। इसके अलावा कंपनी को यह भी भरोसा देना होगा कि ब्रिटेन के वाडाफोन समूह की कंपनी वोडाफोन इंडिया पर आगे भी कोई देनदारी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी आइडिया को पूरी करनी होगी।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button